रजिस्ट्री से कब्जे तक: संपत्ति खरीदार और मालिक के लिए 100 कानूनी FAQs

1. संपत्ति खरीदने से पहले टाइटल (स्वामित्व) जाँच क्यों आवश्यक है?

संपत्ति खरीदने से पहले यह जाँचना अत्यंत आवश्यक है कि विक्रेता वास्तव में उस संपत्ति का वैध स्वामी है या नहीं। टाइटल जाँच में यह देखा जाता है कि संपत्ति किस प्रकार विक्रेता को प्राप्त हुई, क्या वह बिक्री, दान, वसीयत या उत्तराधिकार से मिली है और क्या पूरी चेन ऑफ टाइटल निरंतर व वैध है। यदि टाइटल में कोई कमी हो तो भविष्य में संपत्ति विवाद, रजिस्ट्री रद्द होने या कब्जा छिनने का खतरा रहता है।
(Transfer of Property Act, 1882 – धारा 7, 8)

रजिस्ट्री से कब्जे तक संपत्ति खरीदार और मालिक के लिए 100 कानूनी FAQs

2. क्या केवल एग्रीमेंट टू सेल से मालिकाना हक मिल जाता है?

नहीं, केवल एग्रीमेंट टू सेल से संपत्ति का स्वामित्व स्थानांतरित नहीं होता। एग्रीमेंट टू सेल भविष्य में बिक्री का एक वादा मात्र है। वास्तविक स्वामित्व केवल पंजीकृत विक्रय विलेख (Registered Sale Deed) के माध्यम से ही प्राप्त होता है।
(Transfer of Property Act, 1882 – धारा 54, Registration Act, 1908 – धारा 17)

3. संपत्ति की रजिस्ट्री अनिवार्य क्यों है?

कानून के अनुसार 100 रुपये से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति का हस्तांतरण बिना पंजीकरण के वैध नहीं माना जाता। रजिस्ट्री से ही खरीदार को कानूनी सुरक्षा मिलती है और दस्तावेज न्यायालय में साक्ष्य के रूप में मान्य होता है।
(Registration Act, 1908 – धारा 17)

4. स्टाम्प ड्यूटी कम लगाकर रजिस्ट्री कराने के क्या दुष्परिणाम हैं?

यदि विक्रय विलेख पर कम स्टाम्प ड्यूटी अदा की जाती है, तो वह दस्तावेज दोषपूर्ण माना जाता है। सरकार द्वारा जुर्माना, अतिरिक्त शुल्क वसूला जा सकता है और कई बार दस्तावेज को न्यायालय में अमान्य भी ठहराया जा सकता है।
(Indian Stamp Act, 1899)

5. नामांतरण क्या है और यह क्यों आवश्यक है?

नामांतरण वह प्रक्रिया है जिसमें रजिस्ट्री के बाद खरीदार का नाम राजस्व अभिलेखों (खतौनी) में दर्ज किया जाता है। नामांतरण से कर भुगतान, कब्जे की सुरक्षा और सरकारी रिकॉर्ड में पहचान सुनिश्चित होती है।
(उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 – धारा 30)

6. क्या नामांतरण से स्वामित्व सिद्ध हो जाता है?

नहीं, नामांतरण केवल राजस्व प्रयोजनों के लिए होता है। स्वामित्व का मुख्य प्रमाण पंजीकृत विक्रय विलेख होता है, जबकि नामांतरण सहायक प्रमाण है।
(न्यायिक दृष्टांत एवं राजस्व कानून)

7. भूमि उपयोग (Land Use) की जाँच क्यों जरूरी है?

यदि कृषि भूमि पर बिना अनुमति आवासीय या व्यावसायिक निर्माण किया जाता है, तो उसे अवैध घोषित किया जा सकता है। इसलिए खरीद से पहले भूमि उपयोग की पुष्टि आवश्यक है।
(UP Revenue Code, 2006 एवं नगर नियोजन कानून)

8. ग्राम सभा या सरकारी भूमि खरीदने का क्या परिणाम होता है?

सरकारी या ग्राम सभा की भूमि बेची नहीं जा सकती। यदि कोई व्यक्ति ऐसी भूमि बेचता है और खरीदार कब्जा करता है, तो उसका कब्जा कभी भी हटाया जा सकता है।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 67)

9. धारा 67 क्यों खरीदार और मालिक दोनों के लिए महत्वपूर्ण है?

धारा 67 के अंतर्गत तहसीलदार को सरकारी या ग्राम सभा भूमि से अवैध कब्जा हटाने की शक्ति है। यह धारा संपत्ति खरीदार के लिए चेतावनी और मालिक के लिए सुरक्षा का साधन है।

10. विवादित संपत्ति खरीदने से क्या जोखिम होते हैं?

यदि संपत्ति पर पहले से न्यायालयीन विवाद चल रहा है, तो खरीदार उस विवाद के निर्णय से बंधा रहेगा। ऐसे मामलों में खरीदार को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
(Civil Procedure Code, 1908 – धारा 52, Lis Pendens)

11. संपत्ति मालिक के अधिकार क्या हैं?

संपत्ति मालिक को भूमि के उपयोग, हस्तांतरण और उत्तराधिकार का अधिकार प्राप्त है, लेकिन ये अधिकार कानून द्वारा सीमित और नियंत्रित होते हैं।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 18)

12. क्या मालिक अपनी संपत्ति किसी को भी बेच सकता है?

मालिक अपनी संपत्ति बेच सकता है, बशर्ते वह कानूनी रूप से सक्षम हो और संपत्ति विवादमुक्त हो। हस्तांतरण पंजीकृत होना आवश्यक है।
(Transfer of Property Act, 1882 – धारा 54)

13. वसीयत क्या है और क्या इसका पंजीकरण अनिवार्य है?

वसीयत संपत्ति के उत्तराधिकार का एक दस्तावेज है। इसका पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, लेकिन पंजीकृत वसीयत से विवाद की संभावना कम हो जाती है।
(Indian Succession Act, 1925)

14. उत्तराधिकार के मामलों में नामांतरण कैसे होता है?

मालिक की मृत्यु के बाद उत्तराधिकारियों द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर नामांतरण कराया जाता है।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 30)

15. किराये पर संपत्ति देने के लिए क्या कानूनी सावधानियाँ हैं?

किरायानामा लिखित और यथासंभव पंजीकृत होना चाहिए। इससे किराया, अवधि और बेदखली के नियम स्पष्ट रहते हैं।
(Transfer of Property Act, 1882)

16. अवैध कब्जे से संपत्ति मालिक कैसे सुरक्षित रह सकता है?

मालिक नियमित निरीक्षण, रिकॉर्ड अपडेट और आवश्यकता पड़ने पर राजस्व या दीवानी न्यायालय में वाद दायर कर सकता है।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 67)

17. संपत्ति कर न चुकाने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

नगर निगम या पंचायत द्वारा संपत्ति कर बकाया होने पर कुर्की और वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।
(नगर निकाय अधिनियम)

18. सीमांकन क्यों आवश्यक है?

सीमांकन से भूमि की वास्तविक सीमा स्पष्ट होती है और पड़ोसी विवादों से बचाव होता है।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 80)

19. संपत्ति विवाद किस न्यायालय में जाता है?

भूमि के स्वामित्व और राजस्व से जुड़े विवाद राजस्व न्यायालय में तथा कब्जा और टाइटल विवाद दीवानी न्यायालय में जाते हैं।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 116)

20. संपत्ति खरीदने और रखने में सबसे महत्वपूर्ण कानूनी सीख क्या है?

संपत्ति से जुड़े सभी कार्य लिखित, पंजीकृत और वैध दस्तावेजों के आधार पर ही किए जाने चाहिए। मौखिक सौदे या अधूरे दस्तावेज भविष्य में गंभीर कानूनी संकट पैदा कर सकते हैं।

21. क्या पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर संपत्ति खरीदी जा सकती है?

केवल पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर संपत्ति की खरीद कानूनी रूप से वैध नहीं मानी जाती। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि GPA, Agreement to Sell और Will के माध्यम से स्वामित्व स्थानांतरित नहीं होता। स्वामित्व केवल पंजीकृत विक्रय विलेख से ही प्राप्त होता है।
(Suraj Lamp & Industries Pvt. Ltd. v. State of Haryana, Supreme Court; Transfer of Property Act, 1882)

22. क्या कब्जा मिलने से स्वामित्व सिद्ध हो जाता है?

संपत्ति पर कब्जा होना स्वामित्व का प्रमाण नहीं है। कब्जा केवल एक तथ्यात्मक स्थिति है, जबकि स्वामित्व का निर्धारण वैध दस्तावेजों से होता है। बिना रजिस्ट्री के केवल कब्जे के आधार पर मालिकाना हक नहीं माना जाता।
(Transfer of Property Act, 1882; भारतीय साक्ष्य अधिनियम)

23. सह-स्वामित्व (Co-ownership) में संपत्ति खरीदते समय क्या सावधानी आवश्यक है?

यदि संपत्ति एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर है, तो सभी सह-स्वामियों की सहमति और हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। किसी एक सह-स्वामी द्वारा अकेले बिक्री करने पर वह केवल अपने हिस्से तक ही वैध मानी जाएगी।
(Transfer of Property Act, 1882 – धारा 44)

24. क्या बिना नक्शा पास कराए निर्माण कराया जा सकता है?

बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण अवैध माना जाता है। स्थानीय विकास प्राधिकरण या नगर निकाय को ऐसे निर्माण को गिराने या सील करने का अधिकार प्राप्त है।
(नगर नियोजन एवं भवन उपविधि)

25. क्या कृषि भूमि को सीधे प्लॉटिंग में बेचा जा सकता है?

कृषि भूमि को प्लॉटिंग या आवासीय उपयोग में लाने से पहले भू-उपयोग परिवर्तन की अनुमति आवश्यक होती है। बिना अनुमति की गई प्लॉटिंग अवैध मानी जाती है।
(UP Revenue Code, 2006; नगर नियोजन कानून)

26. क्या संपत्ति पर बैंक ऋण होने पर उसे बेचा जा सकता है?

यदि संपत्ति पर बैंक या वित्तीय संस्था का ऋण है और वह गिरवी (Mortgage) रखी गई है, तो बिना बैंक की NOC के बिक्री वैध नहीं होती।
(Transfer of Property Act, 1882 – धारा 58)

27. एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट क्यों जरूरी है?

एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट से यह पता चलता है कि संपत्ति पर कोई ऋण, बंधक या कानूनी दायित्व तो नहीं है। यह खरीदार के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा दस्तावेज है।
(Registration Act, 1908)

28. क्या मौखिक बंटवारा (Oral Partition) मान्य होता है?

पारिवारिक मामलों में मौखिक बंटवारा मान्य हो सकता है, लेकिन उसके प्रमाण के लिए राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण आवश्यक है। बिना रिकॉर्ड अपडेट के विवाद की संभावना बनी रहती है।
(न्यायिक दृष्टांत; UP Revenue Code, 2006)

29. संपत्ति पर रास्ते का अधिकार (Right of Way) क्या होता है?

यदि किसी अन्य व्यक्ति को आपकी भूमि से होकर आने-जाने का वैध अधिकार है, तो उसे रास्ते का अधिकार कहा जाता है। इसे नजरअंदाज करने पर कानूनी विवाद हो सकता है।
(भारतीय सुखाधिकार अधिनियम, 1882)

30. क्या सीमांकन कराए बिना भूमि खरीदना सुरक्षित है?

सीमांकन कराए बिना भूमि खरीदने पर वास्तविक क्षेत्रफल और सीमा को लेकर विवाद उत्पन्न हो सकता है। सीमांकन से भूमि की सटीक स्थिति स्पष्ट होती है।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 80)

31. क्या संपत्ति का मूल्य कम दिखाना अपराध है?

विक्रय विलेख में जानबूझकर कम मूल्य दर्शाना स्टाम्प चोरी माना जाता है, जिस पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
(Indian Stamp Act, 1899)

32. क्या कब्जाधारी व्यक्ति मालिक बन सकता है?

लगातार और निर्विवाद कब्जा लंबे समय तक रहने पर व्यक्ति प्रतिकूल कब्जा (Adverse Possession) का दावा कर सकता है, लेकिन यह सिद्ध करना कठिन होता है।
(Limitation Act, 1963)

33. संपत्ति मालिक की मृत्यु पर क्या बिक्री स्वतः शून्य हो जाती है?

यदि विक्रेता की मृत्यु बिक्री से पहले हो जाए, तो बिना उत्तराधिकारियों की सहमति के बिक्री अमान्य होगी।
(Indian Succession Act, 1925)

34. क्या रजिस्ट्री रद्द की जा सकती है?

यदि रजिस्ट्री धोखाधड़ी, दबाव या अवैध तरीके से हुई हो, तो न्यायालय उसे रद्द कर सकता है।
(Specific Relief Act, 1963)

35. बेनामी संपत्ति क्या होती है?

जब संपत्ति किसी और के नाम पर खरीदी जाए लेकिन वास्तविक भुगतान किसी अन्य द्वारा किया गया हो, तो उसे बेनामी संपत्ति कहा जाता है।
(Benami Transactions (Prohibition) Act, 1988)

36. क्या बिना उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के संपत्ति बेची जा सकती है?

उत्तराधिकार सिद्ध किए बिना संपत्ति की बिक्री जोखिमपूर्ण होती है और भविष्य में विवाद उत्पन्न हो सकता है।
(Indian Succession Act, 1925)

37. क्या संपत्ति पर स्टे ऑर्डर की जानकारी जरूरी है?

यदि संपत्ति पर न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश (Stay) लगा है, तो उसकी खरीद अवैध मानी जा सकती है।
(Civil Procedure Code, 1908)

38. क्या संयुक्त परिवार की संपत्ति व्यक्तिगत रूप से बेची जा सकती है?

संयुक्त हिंदू परिवार की संपत्ति को कर्ता सीमित परिस्थितियों में ही बेच सकता है।
(हिंदू विधि; न्यायिक दृष्टांत)

39. संपत्ति विवाद में राजस्व और दीवानी न्यायालय की भूमिका क्या है?

राजस्व न्यायालय रिकॉर्ड और नामांतरण से जुड़े मामलों को देखता है, जबकि स्वामित्व और कब्जा विवाद दीवानी न्यायालय में जाते हैं।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 116)

40. संपत्ति से जुड़े कानूनी जोखिमों से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका क्या है?

सभी लेन-देन लिखित, पंजीकृत, स्टाम्पयुक्त और कानूनी परामर्श के बाद ही किए जाने चाहिए। जल्दबाजी और मौखिक भरोसा सबसे बड़ा जोखिम है।

41. क्या बिना कब्जा दिए गई संपत्ति की रजिस्ट्री वैध होती है?

हाँ, कानून की दृष्टि में संपत्ति की रजिस्ट्री कब्जा दिए बिना भी वैध हो सकती है, क्योंकि स्वामित्व का हस्तांतरण पंजीकृत विक्रय विलेख से होता है। हालांकि व्यवहारिक रूप से कब्जा न मिलने पर विवाद की संभावना रहती है और खरीदार को दीवानी न्यायालय की शरण लेनी पड़ सकती है।
(Transfer of Property Act, 1882 – धारा 54)

42. क्या संपत्ति पर पूर्व मालिक का ऋण खरीदार पर लागू होता है?

यदि संपत्ति पर पहले से बैंक ऋण, बंधक या अन्य दायित्व दर्ज है और खरीदार ने उसे जाने बिना खरीद ली है, तो वह दायित्व संपत्ति के साथ जुड़ा रहेगा। इसलिए ऋणमुक्ति प्रमाण पत्र या बैंक की NOC अत्यंत आवश्यक है।
(Transfer of Property Act, 1882 – धारा 58)

43. क्या अनरजिस्टर्ड दस्तावेज से स्वामित्व सिद्ध किया जा सकता है?

अनरजिस्टर्ड दस्तावेज से स्वामित्व सिद्ध नहीं किया जा सकता। ऐसे दस्तावेज सीमित परिस्थितियों में केवल सहायक साक्ष्य के रूप में उपयोग किए जा सकते हैं, लेकिन स्वामित्व का आधार नहीं बनते।
(Registration Act, 1908 – धारा 49)

44. संपत्ति पर रास्ता न होने की स्थिति में क्या अधिकार मिल सकता है?

यदि किसी संपत्ति तक पहुँचने का कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है, तो कानून कुछ परिस्थितियों में आवश्यक रास्ते (Easement of Necessity) का अधिकार देता है। यह अधिकार न्यायालय द्वारा निर्धारित किया जाता है।
(Indian Easements Act, 1882)

45. क्या संपत्ति का क्षेत्रफल कम निकलने पर खरीदार राहत पा सकता है?

यदि विक्रय विलेख में दर्शाया गया क्षेत्रफल वास्तविक क्षेत्रफल से कम पाया जाता है, तो खरीदार अनुबंध के उल्लंघन के आधार पर क्षतिपूर्ति या मूल्य समायोजन की माँग कर सकता है।
(Specific Relief Act, 1963)

46. क्या निर्माणाधीन संपत्ति खरीदना सुरक्षित है?

निर्माणाधीन संपत्ति खरीदते समय परियोजना की स्वीकृति, नक्शा, भूमि का टाइटल और डेवलपर की वैधानिक अनुमति जाँचना आवश्यक है। बिना स्वीकृति की परियोजना में निवेश जोखिमपूर्ण होता है।
(RERA Act, 2016)

47. क्या बिना RERA पंजीकरण के फ्लैट बेचा जा सकता है?

निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक की परियोजनाओं में बिना RERA पंजीकरण के फ्लैट बेचना अवैध है। ऐसे मामलों में खरीदार को कानूनी संरक्षण प्राप्त होता है।
(RERA Act, 2016 – धारा 3)

48. क्या संपत्ति मालिक को जबरन बेदखल किया जा सकता है?

किसी भी संपत्ति मालिक को विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के बिना बेदखल नहीं किया जा सकता। अवैध बेदखली संविधान और कानून दोनों के विरुद्ध है।
(संविधान अनुच्छेद 300A)

49. क्या कब्जा दिलाने के लिए पुलिस सहायता ली जा सकती है?

पुलिस सामान्यतः दीवानी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती, लेकिन न्यायालय के आदेश के पालन हेतु पुलिस सहायता ली जा सकती है।
(Civil Procedure Code, 1908)

50. संपत्ति के बँटवारे में पंजीकरण क्यों आवश्यक है?

यदि संपत्ति का बँटवारा लिखित रूप में किया गया है और उससे अधिकारों में परिवर्तन होता है, तो उसका पंजीकरण आवश्यक होता है, अन्यथा वह विवादित हो सकता है।
(Registration Act, 1908 – धारा 17)

51. क्या संपत्ति का गिफ्ट डीड वैध होता है?

हाँ, गिफ्ट डीड द्वारा संपत्ति का हस्तांतरण वैध है, बशर्ते वह पंजीकृत हो और स्वेच्छा से किया गया हो।
(Transfer of Property Act, 1882 – धारा 122)

52. क्या नाबालिग की संपत्ति बेची जा सकती है?

नाबालिग की संपत्ति न्यायालय की अनुमति के बिना बेची नहीं जा सकती। ऐसी बिक्री अवैध मानी जाती है।
(Guardian and Wards Act, 1890)

53. क्या कब्जे में रह रहा किरायेदार मालिक बन सकता है?

केवल किरायेदारी से स्वामित्व प्राप्त नहीं होता। किरायेदार और मालिक के अधिकार अलग-अलग होते हैं।
(Transfer of Property Act, 1882)

54. क्या संपत्ति के दस्तावेज खो जाने पर बिक्री संभव है?

दस्तावेज खो जाने पर विधिवत एफआईआर, समाचार पत्र में सूचना और डुप्लीकेट प्रक्रिया के बाद ही बिक्री सुरक्षित मानी जाती है।
(Registration Rules)

55. क्या संपत्ति पर जुर्माना या टैक्स बकाया होने पर बिक्री रोकी जा सकती है?

सरकारी बकाया होने पर संबंधित प्राधिकरण संपत्ति पर कुर्की की कार्रवाई कर सकता है, जिससे बिक्री प्रभावित हो सकती है।
(राजस्व कानून)

56. क्या संपत्ति को मौखिक रूप से बेचा जा सकता है?

अचल संपत्ति की बिक्री मौखिक रूप से वैध नहीं है। कानूनन लिखित और पंजीकृत दस्तावेज अनिवार्य हैं।
(Transfer of Property Act, 1882 – धारा 54)

57. क्या सीमांकन के बिना कब्जा सुरक्षित माना जाता है?

सीमांकन के बिना कब्जा अस्थायी और विवादग्रस्त हो सकता है। वास्तविक सीमा स्पष्ट न होने पर पड़ोसी विवाद उत्पन्न होते हैं।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 80)

58. क्या संपत्ति पर स्थायी निषेधाज्ञा (Injunction) लग सकती है?

हाँ, यदि विवाद की संभावना हो, तो न्यायालय संपत्ति पर स्थायी या अस्थायी निषेधाज्ञा जारी कर सकता है।
(Civil Procedure Code, 1908)

59. क्या रजिस्ट्री के बाद भी धोखाधड़ी का मामला बन सकता है?

यदि यह सिद्ध हो जाए कि रजिस्ट्री धोखे, गलत जानकारी या कूटरचना के आधार पर हुई है, तो वह रद्द की जा सकती है।
(Specific Relief Act, 1963)

60. संपत्ति कानून की जानकारी खरीदार और मालिक दोनों के लिए क्यों आवश्यक है?

क्योंकि संपत्ति जीवन की सबसे बड़ी पूँजी होती है और थोड़ी सी कानूनी अनदेखी वर्षों का विवाद, आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी पैदा कर सकती है।

61. क्या बिना नक्शा पास कराए बने मकान की खरीद सुरक्षित है?

बिना स्वीकृत नक्शे के बना मकान अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है। ऐसे निर्माण को स्थानीय निकाय द्वारा सील या ध्वस्त किया जा सकता है। खरीदार को भविष्य में बिजली, पानी, रजिस्ट्री या ऋण से जुड़ी समस्याएँ आ सकती हैं।
(नगर निगम अधिनियम, भवन उपविधियाँ)

62. क्या रजिस्ट्री के बाद भी नामांतरण रोका जा सकता है?

हाँ, यदि कोई आपत्ति या विवाद दर्ज हो, तो राजस्व अधिकारी नामांतरण की प्रक्रिया रोक सकता है और पक्षकारों को सुनवाई के बाद निर्णय लिया जाता है।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 30)

63. क्या संपत्ति पर मौखिक समझौता मान्य है?

अचल संपत्ति के मामलों में मौखिक समझौते कानूनी रूप से मान्य नहीं माने जाते। भविष्य में ऐसे समझौते को सिद्ध करना कठिन होता है और न्यायालय में स्वीकार्यता कम होती है।
(Transfer of Property Act, 1882)

64. क्या अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदना सुरक्षित है?

अवैध कॉलोनी में खरीदा गया प्लॉट भविष्य में नियमित न भी हो सके। ऐसी कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएँ, रजिस्ट्री और बैंक ऋण में गंभीर समस्याएँ आती हैं।
(नगर नियोजन अधिनियम)

65. क्या संपत्ति पर बिजली-पानी का कनेक्शन स्वामित्व का प्रमाण है?

नहीं, बिजली या पानी का कनेक्शन केवल उपयोग का प्रमाण है, स्वामित्व का नहीं। स्वामित्व का प्रमाण केवल वैध दस्तावेजों से होता है।
(न्यायिक दृष्टांत)

66. क्या बिना कब्जा लिए रजिस्ट्री कराना जोखिमपूर्ण है?

कानूनी रूप से रजिस्ट्री वैध होती है, लेकिन कब्जा न मिलने पर व्यावहारिक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं और खरीदार को दीवानी मुकदमा करना पड़ सकता है।
(Transfer of Property Act, 1882)

67. क्या संपत्ति पर दोहरी रजिस्ट्री हो सकती है?

यदि धोखाधड़ी से एक ही संपत्ति की दो रजिस्ट्रियाँ कराई जाएँ, तो न्यायालय बाद वाली रजिस्ट्री को रद्द कर सकता है।
(Specific Relief Act, 1963)

68. क्या संपत्ति के दस्तावेजों की फोटोकॉपी पर्याप्त है?

नहीं, केवल फोटोकॉपी के आधार पर न तो खरीद सुरक्षित है और न ही स्वामित्व सिद्ध होता है। मूल दस्तावेजों का सत्यापन आवश्यक है।
(भारतीय साक्ष्य अधिनियम)

69. क्या सीमांकन रिपोर्ट को चुनौती दी जा सकती है?

यदि सीमांकन प्रक्रिया में त्रुटि हो, तो संबंधित पक्ष राजस्व न्यायालय में आपत्ति दर्ज कर सकता है।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 80)

70. क्या बिना वारिस प्रमाण पत्र के संपत्ति बेची जा सकती है?

उत्तराधिकार सिद्ध किए बिना बिक्री विवादास्पद हो जाती है और भविष्य में रजिस्ट्री रद्द होने की संभावना रहती है।
(Indian Succession Act, 1925)

71. क्या संपत्ति पर रास्ता बंद किया जा सकता है?

यदि रास्ता वैध रूप से स्थापित है, तो उसे बंद करना अवैध होगा और प्रभावित पक्ष न्यायालय जा सकता है।
(Indian Easements Act, 1882)

72. क्या सरकारी भूमि पर बने मकान को नियमित किया जा सकता है?

सामान्यतः सरकारी भूमि पर कब्जा अवैध माना जाता है। कुछ विशेष नीतियों में नियमितीकरण संभव हो सकता है, लेकिन यह अधिकार नहीं है।
(UP Revenue Code, 2006 – धारा 67)

73. क्या संपत्ति पर लीज अधिकार बेचे जा सकते हैं?

लीज अधिकार केवल लीज शर्तों के अनुसार ही हस्तांतरित किए जा सकते हैं। बिना अनुमति के बिक्री अवैध हो सकती है।
(Transfer of Property Act, 1882 – धारा 105)

74. क्या संपत्ति के बँटवारे के बाद नई रजिस्ट्री आवश्यक है?

यदि बँटवारा केवल पारिवारिक समझौते से हुआ है और स्वामित्व बदला है, तो पंजीकरण आवश्यक होता है।
(Registration Act, 1908)

75. क्या संपत्ति पर आयकर विभाग की कार्रवाई हो सकती है?

यदि संपत्ति लेन-देन में अघोषित आय या स्टाम्प चोरी पाई जाए, तो आयकर विभाग कार्रवाई कर सकता है।
(Income Tax Act, 1961)

76. क्या संपत्ति का बाजार मूल्य कम दिखाना अपराध है?

हाँ, यह स्टाम्प चोरी की श्रेणी में आता है और उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
(Indian Stamp Act, 1899)

77. क्या किरायेदार को बेदखल करना आसान है?

किरायेदार की बेदखली केवल कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही की जा सकती है। बलपूर्वक बेदखली अवैध है।
(Transfer of Property Act, 1882)

78. क्या संपत्ति पर बैंक नीलामी अंतिम होती है?

बैंक नीलामी में खरीदार को सीमित समय में बकाया चुकाने पर राहत मिल सकती है, लेकिन जोखिम भी अधिक होता है।
(SARFAESI Act, 2002)

79. क्या संपत्ति के कागजों का पंजीकरण ऑनलाइन मान्य है?

हाँ, यदि राज्य सरकार द्वारा अधिकृत पोर्टल के माध्यम से किया गया हो, तो ऑनलाइन पंजीकरण मान्य होता है।
(Registration Act, 1908)

80. क्या संपत्ति के नक्शे में परिवर्तन अपराध है?

स्वीकृत नक्शे से हटकर निर्माण करना अवैध है और उस पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
(भवन उपविधियाँ)

81. क्या संपत्ति पर स्थायी निषेधाज्ञा हमेशा के लिए होती है?

स्थायी निषेधाज्ञा न्यायालय के अंतिम निर्णय तक या आदेशानुसार प्रभावी रहती है।
(Civil Procedure Code, 1908)

82. क्या संपत्ति के सभी सह-मालिकों की सहमति जरूरी है?

हाँ, संयुक्त संपत्ति के हस्तांतरण के लिए सभी सह-मालिकों की सहमति आवश्यक होती है।
(Transfer of Property Act, 1882 – धारा 44)

83. क्या संपत्ति के दस्तावेजों में गलती सुधारी जा सकती है?

हाँ, दस्तावेज सुधार हेतु न्यायालय या पंजीकरण कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है।
(Registration Rules)

84. क्या सीमांकन के बिना बाउंड्री बनाना वैध है?

सीमांकन के बिना बनाई गई बाउंड्री भविष्य में विवाद का कारण बन सकती है और उसे हटाया भी जा सकता है।
(UP Revenue Code, 2006)

85. क्या कब्जे की अवधि से स्वामित्व मिल सकता है?

केवल लंबी अवधि के कब्जे से स्वामित्व नहीं मिलता, जब तक प्रतिकूल कब्जा कानूनन सिद्ध न हो।
(Limitation Act, 1963)

86. क्या संपत्ति पर नगर निगम का नोटिस अनदेखा किया जा सकता है?

नहीं, नोटिस की अनदेखी करने पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
(नगर निगम अधिनियम)

87. क्या बिना NOC के संपत्ति बेचना वैध है?

जहाँ NOC अनिवार्य है, वहाँ उसके बिना बिक्री अवैध मानी जाएगी।
(स्थानीय नियम)

88. क्या संपत्ति पर टैक्स बकाया होने से रजिस्ट्री रुक सकती है?

हाँ, गंभीर बकाया होने पर प्राधिकरण रजिस्ट्री पर रोक लगा सकता है।
(राजस्व कानून)

89. क्या पारिवारिक समझौता पंजीकृत होना चाहिए?

यदि उससे अधिकारों में परिवर्तन होता है, तो पंजीकरण आवश्यक है।
(Registration Act, 1908)

90. क्या संपत्ति पर कोर्ट केस होने से उसका मूल्य प्रभावित होता है?

हाँ, विवादित संपत्ति का बाजार मूल्य कम हो जाता है और बिक्री कठिन होती है।
(व्यावहारिक कानूनी सिद्धांत)

91. क्या संपत्ति मालिक को जबरन हटाया जा सकता है?

कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के बिना किसी को भी उसकी संपत्ति से नहीं हटाया जा सकता।
(संविधान अनुच्छेद 300A)

92. क्या संपत्ति के सीमांकन आदेश को अपील में चुनौती दी जा सकती है?

हाँ, सीमांकन आदेश के विरुद्ध अपील का प्रावधान है।
(UP Revenue Code, 2006)

93. क्या संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत ऑनलाइन की जा सकती है?

उत्तर प्रदेश में कई जिलों में ऑनलाइन शिकायत की सुविधा उपलब्ध है।
(राजस्व विभाग नियम)

94. क्या रजिस्ट्री के बाद भी विक्रेता जिम्मेदार रहता है?

यदि विक्रेता ने तथ्य छुपाए या धोखा दिया है, तो उसकी जिम्मेदारी बनी रहती है।
(Specific Relief Act, 1963)

95. क्या संपत्ति पर फर्जी दस्तावेज से रजिस्ट्री कराई जा सकती है?

फर्जी दस्तावेज से कराई गई रजिस्ट्री अपराध है और उसे रद्द किया जा सकता है।
(भारतीय दंड संहिता)

96. क्या संपत्ति विवाद में समझौता संभव है?

हाँ, न्यायालय की अनुमति से समझौता किया जा सकता है।
(Civil Procedure Code, 1908)

97. क्या संपत्ति पर कब्जा दिलाने में समय लगता है?

हाँ, कब्जा दिलाने की प्रक्रिया न्यायालय के आदेश और परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
(व्यावहारिक अनुभव)

98. क्या संपत्ति से जुड़े सभी विवाद न्यायालय जाते हैं?

नहीं, कई विवाद आपसी समझौते या राजस्व स्तर पर सुलझ जाते हैं।
(UP Revenue Code, 2006)

99. क्या संपत्ति कानून की जानकारी रियल एस्टेट व्यवसाय में अनिवार्य है?

हाँ, बिना कानूनी जानकारी के रियल एस्टेट में कार्य करना उच्च जोखिम वाला होता है।

100. संपत्ति से जुड़े कानूनों की जानकारी का सबसे बड़ा लाभ क्या है?

सही कानूनी जानकारी व्यक्ति को धोखाधड़ी, आर्थिक हानि और लंबे मुकदमों से बचाती है और संपत्ति को सुरक्षित बनाती है।

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