SARFAESI नोटिस आया? घर कैसे बचाएं 2026 गाइड

अगर आपका होम लोन है और EMI भरने में दिक्कत आ रही है, तो बैंक की SARFAESI कार्रवाई से डरना स्वाभाविक है। लेकिन अच्छी खबर ये है कि घर बचाना पूरी तरह संभव है, अगर आप सही समय पर सही कदम उठाएं। SARFAESI एक्ट 2002 बैंक को रिकवरी की ताकत देता है, लेकिन इसमें आपके अधिकार भी मजबूत हैं।

2026 में, RBI के नए आंकड़ों से पता चलता है कि बैंकिंग सिस्टम में NPA रेट घटकर 2.1% हो गया है, और होम लोन सेगमेंट में ये और कम है। मतलब, ज्यादातर मामले कोर्ट पहुंचने से पहले सेटल हो जाते हैं। इस ब्लॉग में हम घर बचाने के हर कानूनी तरीके को आसान भाषा में समझाएंगे। DRT, OTS, नोटिस का जवाब जैसे ऑप्शन देखेंगे, और 2025 के तीन नए सुप्रीम कोर्ट फैसले भी। सब कुछ प्रोफेशनल और लीगल तरीके से, ताकि आप कन्फ्यूज न हों। चलिए शुरू करते हैं।

SARFAESI नोटिस आया घर कैसे बचाएं 2026 गाइड

SARFAESI एक्ट में आपके अधिकार क्या हैं?

SARFAESI एक्ट बैंक को गिरवी संपत्ति से लोन वसूलने की पावर देता है। लेकिन ये एकतरफा नहीं है। आप हर स्टेज पर चुनौती दे सकते हैं। मुख्य बात ये है कि बैंक को हर कदम में नियम फॉलो करने पड़ते हैं। अगर वो गलती करता है, तो आप घर बचाना आसान हो जाता है।

घर बचाने के मुख्य कानूनी तरीके

अब मुख्य हिस्सा। बैंक की कार्रवाई के हर स्टेज पर क्या करें।

तरीका 1: 60 दिन के नोटिस का जवाब दें (सेक्शन 13(2))

ये सबसे महत्वपूर्ण स्टेज है। बैंक NPA घोषित करने के बाद 60 दिन का नोटिस भेजता है।

क्या करें:

  • 60 दिनों में लिखित जवाब दें
  • बताएं कि EMI क्यों मिस हुई
  • भुगतान प्लान प्रस्ताव दें
  • EMI रिस्ट्रक्चर या रीशेड्यूल मांगें

महत्वपूर्ण: बैंक को आपके जवाब पर विचार करना और लिखित रिप्लाई देना जरूरी है। अगर वो बिना जवाब दिए आगे बढ़े, तो ये उनकी गलती है। बाद में DRT में ये पॉइंट मजबूत होता है। कई केस इसी स्टेज पर घर बचाना सफल हो जाता है।

तरीका 2: DRT में अपील करें (सेक्शन 17)

अगर बैंक पजेशन नोटिस (सेक्शन 13(4)) जारी करे, तो तुरंत डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल में जाएं।

क्या मांगें:

  • पजेशन पर स्टे ऑर्डर
  • बैंक की कार्रवाई रोकने का आदेश
  • OTS की सिफारिश

DRT को पावर है कि वो बैंक के गलत कदम रद्द कर दे। 2026 में DRT केस तेजी से निपट रहे हैं, तो देर न करें।

तरीका 3: नीलामी को चैलेंज करें

अगर ऑक्शन नोटिस आ गया, तो भी मौका है।

क्या करें:

  • DRT में नोटिस चैलेंज करें
  • दिखाएं कि रिजर्व प्राइस कम है
  • प्रक्रिया में गलती है
  • आपको मौका नहीं दिया गया

नोट: नए कानून से ऑक्शन नोटिस छपते ही रिडेम्प्शन राइट सीमित हो जाता है। इसलिए पहले ही ऐक्शन लें।

तरीका 4: OTS का प्रस्ताव दें

ये सबसे आसान और व्यावहारिक तरीका है।

क्या करें:

  • बैंक को लिखित OTS प्रस्ताव भेजें
  • कई बैंक 30 से 50% तक छूट देते हैं
  • OTS चलते समय बैंक ऑक्शन रोकता है

2026 के डेटा से पता चलता है कि ज्यादातर घर बचाना OTS से ही होता है। बैंक भी पूरा लोन वसूलना चाहता है, कोर्ट केस नहीं।

तरीका 5: जबरदस्ती कब्जे के खिलाफ शिकायत

अगर बैंक बिना प्रॉपर नोटिस या DM की मदद के कब्जा ले, तो ये अवैध है।

कहां जाएं:

  • DRT
  • डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट
  • हाई कोर्ट

ऐसे केस में राहत मिलने की संभावना ज्यादा होती है।

तरीका 6: कब घर बचाना मुश्किल हो जाता है?

  • ऑक्शन पूरा हो गया हो
  • बोली लग चुकी हो
  • सेल सर्टिफिकेट जारी हो गया हो

इस स्टेज पर घर बचाना लगभग नामुमकिन। इसलिए शुरुआत में ही ऐक्शन लें।

गोल्डन टिप्स घर बचाने के लिए

  • कोई नोटिस इग्नोर न करें
  • हर कम्युनिकेशन लिखित रखें
  • फोन या WhatsApp पर भरोसा न करें
  • बिना वकील के कोई पेपर साइन न करें
  • SARFAESI एक्सपर्ट वकील से तुरंत सलाह लें

2025-2026 के नए सुप्रीम कोर्ट फैसले

कानून अपडेट रहते हैं, तो नए फैसले जानना जरूरी। यहां तीन महत्वपूर्ण हैं।

फैसला 1: रिडेम्प्शन राइट पर (सितंबर 2025)

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑक्शन नोटिस छपते ही borrower का रिडेम्प्शन राइट खत्म हो जाता है। पहले ये सेल तक चलता था। ये घर बचाना मुश्किल बनाता है, इसलिए नोटिस से पहले पेमेंट या अपील करें।

फैसला 2: नागालैंड में SARFAESI (अक्टूबर 2025)

कोर्ट ने फैसला दिया कि 2021 से पहले नागालैंड में SARFAESI लागू नहीं था। स्पेशल एरिया वालों के लिए महत्वपूर्ण, दिखाता है कि लोकल लॉ प्रभाव डाल सकते हैं।

फैसला 3: 2016 अमेंडमेंट का एप्लीकेशन (सितंबर 2025)

कोर्ट ने क्लियर किया कि 2016 का अमेंडमेंट पुराने लोन्स पर भी लागू अगर डिफॉल्ट बाद का हो। रिडेम्प्शन राइट ऑक्शन नोटिस तक सीमित। borrower को जल्दी ऐक्शन लेना चाहिए।

ये फैसले 2026 में लागू हैं। डिटेल के लिए कोर्ट वेबसाइट चेक करें।

निष्कर्ष

घर बचाना मुश्किल नहीं अगर आप अलर्ट रहें। SARFAESI एक्ट में कई मौके हैं, जैसे नोटिस का जवाब, DRT अपील और OTS। देरी सबसे बड़ी गलती है। RBI डेटा कहता है कि ज्यादातर केस सेटल हो जाते हैं।

अगर आप इस स्थिति में हैं, तो अभी कदम उठाएं। हमारे एक्सपर्ट से संपर्क करें

सही सलाह से घर जरूर बचेगा।